पर्यावरण को अनुकूल बनाने के लिए तिरुमाला-तिरुपति देवस्थानम(टीटीडी) ने तिरुपति से तिरुमाला के लिए इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने तिरुपति के अलीपिरी डिपो से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। टीटीडी के चेयरमैन वाई वी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि आने वाले महीनों में और इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएगी। साथ ही पर्यावरण को और सुरक्षित बनाने के लिए टीटीडी ने तिरुमाला में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। श्रद्धालुओं से सुविधा के लिए अपने साथ स्टील, तांबे या कांच की पानी की बोतलें ले जाने की अपील की जा रही है।
आंध्र प्रदेश सरकार के साथ अनुबंध के अनुसार 100 इलेक्ट्रिक बसों में से 50 बसें तिरुपति और तिरुमाला के घाट लिए चलेंगी, जबकि अन्य 50 अलीपीरी से इंटरसिटी बसों के रूप में नेल्लोर, कडपा और मदनपल्ले के लिए चलेंगी। ये सभी 100 बसें तिरुपति के अलीपिरी बस डिपो में तैनात की जाएंगी। अनुबंध के अनुसार, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक बसों के रखरखाव का कार्य करेगी। ‘ब्रह्मोत्सव’ के शुरु होने से पहले ये बसें तिरुपति और तिरुमाला के बीच चलाई गई है। एक बार में 35 यात्री बस में सफर कर सकेंगे। साथ ही एक बार चार्ज होने पर 180 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। हाई-पावर एसी और डीसी चार्जिंग सिस्टम बैटरी को 3-4 घंटे में पूरी तरह से रिचार्ज करने में सक्षम है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किय गया हैं, प्रत्येक सीट के लिए एक आपातकालीन बटन और यूएसबी सॉकेट उपलब्ध होंगे।
सीएम ने कहा कि, ब्रह्मस्तव के अवसर पर भगवान श्री वेंकटेश्वर के दर्शन करने के लिए यात्रा करने वाले भक्तों को अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें सबसे आरामदायक यात्रा कर सकेंगे। ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक केवी प्रदीप ने कहा कि ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक अपने कुशल इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के माध्यम से प्रदूषण के स्तर को कम करने के अपने प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें राज्य में सफल होंगी। वे मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, सूरत, देहरादून, सिलवासा, गोवा, हिमाचल प्रदेश और केरल में सफलतापूर्वक चल रही हैं।