गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा (Ganpati Bappa) के मनपसंद मोदक जरूर बनाए जाते हैं. लेकिन, सिर्फ मोदक (Modak) ही नहीं हैं जिन्हें आप गणेश चतुर्थी पर बनाकर खा सकते हैं बल्कि ऐसी और भी कई डिशेज हैं जिनका लुत्फ उठाया जा सकता है. इनमें पूरन पोली, शीरा और पटोली (Patoli) आदि शामिल हैं. 9 सितंबर तक गणेश चतुर्थी के दौरान इन डिशेज का मजा पूरे परिवार के साथ उठाया जा सकता है.
तो चलिए, बिना देरी के जानते हैं कौन-कौनसे हैं ये पकवान
पटोली गणेश चतुर्थी के दौरान गौरी पूजन के लिए बनाई जाती है. पटोली बनाने के लिए चावल के आटे से रोल बनाकर उसमें घिसे नारियल और गुड़ की स्टफिंग डालकर ताजा हल्दी के पत्तों में भाप से पकाते हैं.
पूरन पोली -पूरन का मतलब और स्टफिंग और पोली का मतलब रोटी होता है. यह स्वाद में मीठी होती है और आटे में चना दाल, गुड़. इलायची और केसर डालकर स्टफिंग की जाती है. इसे बनाने के लिए पैन फ्राई किया जाता है.
नारियल के लड्डू -गणेश चतुर्थी के दौरान नारियल के लड्डू (Coconut Laddu) भी अच्ची मिठाई हैं जिन्हें बनाना भी अच्छा है. इन लड्डू को बनाने के लिए दूध, कंडेस्ड मिल्क और घसे नारियल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
पायसम -पायसम एक दक्षिण भारतीय डिश है जिसे खीर की तरह ही बनाया जाता है. इसे बनाने के लिए दूध में गुड़, नारियल और इलायची पाउडर डाला जाता है.
शीरा- यह एक तरह का ट्रेडिशनल हलवा है जिसे ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स और घी के साथ पकाया जाता है. गणेश चतुर्थी के दौरान बहुत से लोग शीरा में केला डालकर प्रसाद (Prasad) के रूप में भी बांटते हैं.
गुजिया- गुजिया उत्तर भारतीय मीठा पकवान है जिसे आमतौर पर होली के दौरान बनाया जाता है. यह मैदे का बनता है जिसके अंदर नारियल, सूखे मेवे, सूजी और चीनी मिलाकर स्टफिंग डाली जाती है और तेल में तला जाता है.