एनडीए कैंडिडेट जगदीप धनखड़ ने शनिवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में अपनी करीबी प्रतिद्वंदी और विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को मात दे दी है। इस तरह धनखड़ देश के नए उपराष्ट्रपति बन गए हैं।
चुनाव में NDA उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले जबकि विपक्ष की उम्मीदवार मार्ग्रेट अल्वा को सिर्फ 182 मत ही मिले।
ये एक संयोग ही है कि जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति बनने के बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति दोनों ही एक राज्य से हैं। लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के लिए पात्र होते हैं।
धनखड़ की दावेदारी- एनडीए के प्रत्याशी एवं पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल 71 वर्षीय जगदीप धनखड़ की दावेदारी पहले से ही मजबूत थी। इस चुनाव में पहले से ही धनखड़ के पक्ष में माहौल एकतरफा दिख रहा था। उनके मुकाबले में विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार मार्ग्रेट आल्वा (80) नजर ही नहीं आ रही थीं।
दरअसल, सत्तारूढ़ बीजेपी के पास लोकसभा में पूर्ण बहुमत है और राज्यसभा में 91 सदस्य होने के मद्देनजर धनखड़ के लिए जीत काफी आसान थी। वह मौजूदा उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है।
लगभग 93 फीसदी सांसदों ने किया मतदान- भारत का अगला उपराष्ट्रपति चुनने के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत लगभग 93 प्रतिशत सांसदों ने मतदान किया।अधिकारियों ने बताया कि शाम 5 बजे जब मतदान संपन्न हुआ, तब तक कुल 780 सांसदों में से 725 ने मतदान किया था।