वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए पौधे अहम भूमिका निभाते हैं. ये घर में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण को शुद्ध रखते हैं. वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में कुछ ऐसे पौधों का जिक्र किया गया है जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं. इन पौधों में तुलसी, मनी प्लांट, शमी और कनेर जैसे पौधे शामिल हैं. इसके अलावा एक और पौधा जिसके फूल भगवान विष्णु को बेहद प्रिय हैं. दरअसल अपराजिता के पौधे (Aparajita) को विष्णु प्रिया भी कहा जाता है. मान्यता है कि विष्णु प्रिया अपराजिता के फूल भगवान विष्णु को अर्पित करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है.
वास्तु शास्त्र के मुताबिक अपराजिता के पौधे को गमला में लगाया जा सकता है. विष्णुप्रिया अपराजिता को घर के परिसर में पूर्व-उत्तर के कोण में लगाना सबसे उपयुक्त होता है. इसके अलावा इसे घर की उत्तर दिशा में भी लगाया जा सकता है. मान्यता है कि इस दिशा में लगाने से घर में बरकत आती है. हालांकि, वास्तु के मुताबिक अपराजिता के पौधे को दक्षिण या पश्चिम दिशा में नहीं लगना चाहिए.
वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) और ज्योतिष (Astrology) में भी इसका जिक्र किया गया है. अपराजिता पौधे के बारे में कहा जाता है कि जिस प्रकार इसकी बेल बढ़ती है, उसी प्रकार घर की उन्नति होती है. अपराजिता के पौधे को फरवरी या मार्च के महीने में लगाना अच्छा रहता है.
शनि-दोष से मुक्ति के लिए खास है अपराजिता का फूल- अपराजिता के नीले और सुंदर फूल शनि देव को भी अर्पित किए जाते हैं. माना जाता है कि शनिदेव को अपराजिता के फूल अर्पित करने से शनि की ढैय्या, साढ़ेसाती सहित शनि के अन्य दोषों से राहत मिलती है. इसके अलावा शनिवार के दिन शनि देव को अपराजिता का फूल चढ़ाना शुभ होता है
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी, सामान्य मान्यताओं और ,जानकारियों पर आधारित है.