अनूठा संदेश -पुणे से कोल्हापुर,250 किलोमीटर ,साइकल चलाकर ,पहुंचे नानासाहेब

कुछ लोग धुन व निष्ठा के सच्चे होते हैं। उनके हर कार्य से कुछ संदेश निकलता है। हम बात कर…
1 Min Read 0 142
कुछ लोग धुन व निष्ठा के सच्चे होते हैं। उनके हर कार्य से कुछ संदेश निकलता है। हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के वन अधिकारी नानासाहेब लड़कत की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए झुलसाने वाली गर्मी के बीच पुणे से कोल्हापुर तक का 250 किलोमीटर का सफर साइकल से किया। “
“नानासाहेब को हाल ही में फॉरेस्ट कंजरवेटर नियुक्त करने के साथ ही सह्याद्रि टाइगर रिजर्व (STR) का नया फील्ड डायरेक्टर  बनाया गया है। 31 मार्च को एसटीआर के मौजूदा प्रशासक समाधान चव्हाण रिटायर हो गए। नानासाहेब को उनसे प्रभार लेना था, इसलिए उन्होंने गुरुवार रात उन्होंने अपनी साइकल उठाई व पुणे से कोल्हापुर के लिए चल पड़े। “
“दरअसल 59 वर्षीय लड़कत साइकल चलाने का शौक है और वे इसके माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश भी देते हैं। उन्हें कोल्हापुर ले जाने के लिए सरकारी वाहन तैयार था, लेकिन उन्होंने साइकल से ही लंबा सफर करना तय किया। अब उनकी चहुंओर तारीफ हो रही है। उन्होंने मेलघाट टाइगर रिजर्व से से 1986-87 में महाराष्ट्र वन सेवा की शुरुआत की थी। वे संजय गांधी नेशनल पार्क के सहायक संरक्षक भी रह चुके हैं। इसके बाद 2006 में उन्हें भारतीय वन सेवा के अधिकारी के रूप में पदोन्नत किया गया। “
“इसी साल  लिया संकल्प- लड़कत ने इसी साल 1 जनवरी को संकल्प लिया है कि वे हर सोमवार को साइकल से दफ्तर जाएंगे। पुणे में उनके घर से दफ्तर 16 किलोमीटर दूर था। तब से वे अपने संकल्प का पालन करते आ रहे हैं। चूंकि कोल्हापुर में उनका दफ्तर व घर पास पास है, इसलिए उन्होंने पुणे से ही वहां साइकल से पहुंचने का फैसला किया। जब वे कोल्हापुर दफ्तर साइकल से पहुंचे तो विभाग के कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया और इसे प्रेरणादायी बताया। “
“वह सह्याद्री टाइगर रिजर्व में पहली बार पदस्थ हुए हैं। हालांकि उन्हें 35 साल का अनुभव है। वे पहले विश्व प्रसिद्ध ताडोबा टाइगर प्रोजेक्ट के कोर जोन में डिप्टी डायरेक्टर रहे हैं। पुणे में वे वन, गतिविधि और योजना संरक्षक थे। कोयंबतूर से उन्होंने  वन्यजीव प्रशिक्षण पाया है। उन्होंने भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून से वन्यजीव प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है।”

Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *