इस साल होली 17 और 18 मार्च को है। वैसे तो होली पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें मथुरा, गोकुल और बरसाने की होली सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, जहां होली के कई दिन पहले से ही रंगों का उत्सव शुरू हो जाता है। यहां होली मनाने को लेकर कई तरह की परंपराएं और रीति रिवाज हैं। भारत में मथुरा बरसाने के अलावा कर्नाटक की होली भी काफी मशहूर है। कर्नाटक में अनूठे तरीके से होली उत्सव होता है। अलग अलग रंगों की तरह होली को अलग अलग तरीके से मनाने का रिवाज है। ऐसे में अगर आप होली को अलग तरह से मनाना चाहते हैं तो कर्नाटक की ओर रुख कर सकते हैं। जानिए कर्नाटक में होली मनाने की परंपरा और महत्व के बारे में।
हंपी की मशहूर होली-कर्नाटक के हंपी शहर की होली काफी मशहूर है। हंपी घूमने के लिए काफी सैलानी आते हैं। वहीं होली के मौके पर भी बड़ी संख्या में पर्यटक हंपी पहुंचते है और यहां की अनूठी होली का हिस्सा बनते हैं। अगर आप भी होली के मौके पर कहीं बाहर जाने की सोच रहे हैं तो हंपी भी जा सकते हैं।
हंपी में होली मनाने का तरीका-हंपी बेहद खूबसूरत शहर हैं, जहां दो दिन होली का त्यौहार मनाया जाता है। इस मौके पर स्थानीय लोग अपनी अपनी गलियों में आ जाते हैं या किसी एक स्थान पर आकर मिलकर होली खेलते हैं। वहीं बाहर से आने वाले पर्यटक भी होली के उत्सव में शामिल होते हैं। इस मौके पर लोग एक दूसरे को गले लगाते हैं, गुलाल से रंगारंग कर देते हैं और ढोल नगाड़ों की थाप पर जुलूस निकालते हुए नाचते गाते हैं।
नदी में होली के रंग-हंपी की ऐतिहासिक गलियों में रंगों का उत्सव और भी अधिक उमंग भर देता है। वहीं दिनभर होली खेलने के बाद लोग तुंगभद्रा नदी और इससे निकली सहायक नहरों में नहाने के लिए जाते हैं।
हंपी की यात्रा- इस बार आपको होली की छुट्टियों समेत वीकेंड भी मिल रहा है, जिससे आप चार दिन के लिए हंपी की यात्रा पर जा सकते हैं। आप हवाई जहाज के जरिए हंपी जा सकते हैं। हंपी से हुबली और बेलगौम सबसे कम दूरी के एयरपोर्ट हैं। वहीं बेंगलुरु एयरपोर्ट भी हंपी के करीब है। अगर ट्रेन का सफर करना पसंद है तो भी हंपी के लिए आपको आसानी से ट्रेन मिल जाएगी।