अमिताभ बच्चन और मीनाक्षी शेषाद्री स्टारर फिल्म ‘शहंशाह’ 12 फरवरी 1988 में रिलीज हुई थी. टीनू आनंद के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कादर खान, प्राण, अमरीश पुरी, प्रेम चोपड़ा जैसे दिग्गज विलेन एक्टर थे. यूं तो बिग बी ने अपने फिल्मी करियर में स्क्रीन पर कई डायलॉग बोले हैं जिसे पसंद किया जाता है, लेकिन ‘शहंशाह’ में जब अमिताभ ने बोला ‘रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह’ तो ऐसा हिट हुआ कि आज भी लोग अपनी हनक दिखाने के लिए बोलते सुने जाते हैं. अमिताभ और मीनाक्षी की जोड़ी को फिल्म में बेहद पसंद किया गया था लेकिन अमिताभ का डायरेक्टर से ऐसा विवाद हो गया था कि शूटिंग ही रोक दी गई थी. बताते हैं इसके पीछे की हैरान कर देने वाली वजह.
हम सब जानते हैं कि अमिताभ बच्चन ने फिल्मी दुनिया में सक्सेसफुल पारी खेलने के बाद राजनीति की दुनिया में भी हाथ आजमाया था. लेकिन जब राजनीतिक गलियारा रास नहीं आया तो बॉलीवुड लौट आए. इस समय टीनू आनंद की फिल्म ‘शहंशाह’ से अमिताभ ने धमाकेदार आगाज किया था. 80 के दशक में मीनाक्षी शेषाद्री के नाम का डंका बज रहा था. खूबसूरत, डांस में पारंगत इस एक्ट्रेस का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा था. टीनू आनंद ने पहली बार अमिताभ के साथ मीनाक्षी को अपनी फिल्म में लेने के बारे में सोचा. इससे पहले इस जोड़ी ने एक साथ काम नहीं किया था.
अमिताभ और मीनाक्षी को लेकर फिल्म ‘शहंशाह’ बनाई और फिल्म हिट हो गई. इसके फिल्म के हिट होते ही अमिताभ और मीनाक्षी की जोड़ी भी हिट हो गई. इसके बाद तो निर्माता अमिताभ-मीनाक्षी की जोड़ी को हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर अपनी फिल्मों में लेने लगा. अमिताभ बच्चन को इसी फिल्म के बाद से ही शहशांह के नाम से भी पुकारा जाने लगा. ‘शहंशाह’ 1988 में बॉक्स ऑफिस पर दूसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बन गई थी. इस फिल्म से अमिताभ ने शानदार कमबैक किया, लेकिन एक बार ऐसा हुआ था कि टीनू आनंद की बात मानने से ही बिग बी ने इनकार कर दिया था और शूटिंग ही रोक दी गई.
दरअसल, एक सीन में टीनू आनंद चाहते थे कि अमिताभ बच्चन पुलिस की वर्दी पहने लेकिन अमिताभ ब्लेजर पहनना चाहते थे. दोनों के बीच इस बात को लेकर खूब बहस हुई और दोनों ही अपनी-अपनी बात पर अड़ गए. हालात ये हो गए कि शूटिंग ही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी. जब इसकी जानकारी टीनू के पिता इंदर राज आनंद को लगी तो उन्होंने दखल देते हुए अमिताभ को इस सीन का महत्व समझाया. इंदर राज ने ही फिल्म की पटकथा लिखी थी. ऐसे जाकर अमिताभ पुलिस की वर्दी पहनने को राजी हुए, तब कहीं जाकर शूटिंग शुरु हो पाई थी.