भारत में एक बड़ी मशहूर कहावत है कि जाको राखे साइयां मार सके न कोई. दरअसल ये कहावत उन लोगों पर एकदम सटीक बैठती है, जो बेहद नसीब वाले होते हैं. इन दिनों एक नवजात बच्ची ने इस कहावत को एक बार फिर से सही साबित कर दिया है.
दरअसल थाईलैंड के जंगल से लोगों को एक नवजात बच्ची मिली. जो कि करीब 48 घंटों से जंगल में अकेले ही पड़ी थी. 2 दिन तक खतरनाक जंगल में अकेले पड़े रहने के बाद भी नवजात जिंदा थी.
एक रिपोर्ट के अनुसार क्राबी प्रांत में स्थानीय लोग पेड़ों से रबर इकट्ठा करने के काम में लगे हुए थे, लेकिन तभी उन्होंने इस नवजात बच्ची को देखा. जो कि बिना कपड़ों के घने पेड़ों के बीच में हुई पड़ी थी. जब लोगों ने बच्ची को देखा तो उसके चेहरे पर खरोंच के कई निशान थे और साथ ही उसके शरीर पर कुछ कीड़े भी रेंग रहे थे. बच्ची को देख अंदाजा लगाया जा सकता था कि वो काफी समय इसी हालत में जंगल में पड़ी थी. इसके बाद लोगों ने फौरन पुलिस टीम और एम्बुलेंस को बुलाया.
इसके बाद बच्ची का ट्रीटमेंट शुरू किया गया. फिलहाल बच्ची को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत ठीक है. बच्ची के जिंदा होने पर लोग इसलिए हैरानी जता रहे हैं क्योंकि जिस जगह पर वो मिली, उस क्षेत्र में कोबरा, अजगर सांप के अलावा कई खतरनाक जानवर पाए जाते हैं. इतना ही नहीं दिन में उस जगह का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक का होता है. ऐसे में उस जगह से बच्ची का जिंदा मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है.
अभी तो इस मामले में पुलिस की ओर से कहा गया कि हम बच्ची की मां का पता लगा रहे हैं और उसके खिलाफ मुकदमा भी चलाया जाएगा. कुछ लोगों के दावे के अनुसार बच्ची दो दिनों से वहां थी, पूरी रात अकेली रहने के बाद भी वह बच गई. फिलहाल स्वास्थ्य निगरानी के लिए बच्ची खाओ फनोम अस्पताल में भर्ती है. जहां डॉक्टर बच्ची की देखभाल कर रहे हैं. इसके बाद बच्ची को क्राबी प्रांतीय प्रशासन के पास ले जाया जाएगा. जिसके बाद उसे चाइल्ड केयर में रखा जाएगा.