अमलतास के पेड़ को आयुर्वेद में औषधीय वृक्ष के रूप में देखा जाता है. इस पेड़ के सभी हिस्से एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं. इसी वजह से इस पेड़ के फूल ही नहीं बल्कि अमलतास के फल, छाल, तने और पत्तों को भी आप सेहत सम्बन्धी फायदों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
अमलतास के बारे में बता दें कि इसके फूल पीले रंग के होते हैं और इसके फल लम्बे और भूरे रंग के होते हैं. इस पेड़ को आप सड़क किनारे या पार्क में अक्सर ही देखते होंगे. कई बार सड़क पर चलते हुए या पार्क में टहलते हुए जमीन पर पड़े अमलतास के पत्तों और फलों को भी आपने कई बार देखा होगा. लेकिन इनका इस्तेमाल आपने शायद कभी नहीं किया होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि आप अमलतास के फल, फूल, पत्ते, छाल और तने के सेहत सम्बन्धी फायदों के बारे में शायद न जानते हों.
आपको बता दें कि अमलतास के इस पेड़ को आयुर्वेद में औषधीय वृक्ष के रूप में देखा जाता है. इस पेड़ के फूल ही नहीं बल्कि अमलतास के फल, छाल, तने और पत्तों को भी आप सेहत सम्बन्धी फायदों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. आइये जानते हैं इनके सेहत सम्बन्धी फायदों के बारे में.
स्किन सम्बन्धी दिक्कतों से राहत दे- दाद, खाज, खुजली जैसी स्किन सम्बन्धी दिक्कतों से राहत पाने के लिए आप अमलतास के फल की मदद ले सकते हैं. इसके लिए आप अमलतास के फल जो की फलियों की तरह से दिखते हैं का लेप बनाकर दाद, खाज, खुजली वाली जगह पर लगा सकते हैं.
इम्यूनिटी बूस्ट करे- अमलतास इम्यूनिटी को बूस्ट करने में भी काफी अच्छी भूमिका निभाता है. अमलतास की छाल एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है. इसके सेवन से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है जिससे इम्यूनिटी स्ट्रांग बनती है और सीजनल बीमारियों का खतरा कम होता है
स्किन को ग्लोइंग और फ्लॉलेस बनाये- अमलतास के फूल स्किन को ग्लोइंग और फ्लॉलेस बनाने में मदद करते हैं. इनके फूलों को पीसकर इसका पेस्ट फेस पर लगाने से स्किन पर मौजूद दाग-धब्बे और टैनिंग दूर होती है.
जोड़ों के दर्द में आराम दे- अमलतास जोड़ों के दर्द को कम करने में भी मददगार है. अमलतास की पत्तियों को रोज़ाना खाने से जोड़ों में दर्द और सूजन की दिक्कत से आराम मिलता है. जिससे गठिया की समस्या भी कम होती है.
डायबिटीज कंट्रोल करे- डायबिटीज को कंट्रोल करने में अमलतास की छाल काफी सहायक है. इसके लिए आप अमलतास के पेड़ की छाल का अर्क बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं. ये अर्क इंसुलिन को कंट्रोल करता है जिससे शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.