60 और 70 के दशक की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रि आशा पारेख अपने समय में फिल्मी पर्दे पर राज किया। उनके चुलबुले अंदाज और ग्लैमरस अवतार ने प्रशंसकों का दिल उस दौर में खूब जीता। हालांकि आशा पारेख ने भी अपने जीवन में एक संघर्ष देखा और फिल्मों में कई रिजेक्शन का सामना करने के बावजूद कभी भी हार नहीं मानी।
आज आशा पारेख के जन्मदिन पर हम उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें आपको बताएंगे।आशा पारेख का जन्म 2 अक्तूबर 1942 में गुजरात में हुआ था। आज आशा पारेख 79 साल की हो चुकी हैं। आशा पारेख की माता मुस्लिम और पिता गुजराती थे। बता दें कि आशा पारेख को 60-70 के दशक में सिर्फ उनकी फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि उनकी फीस के लिए भी जाना जाता था।
आशा पारेख ने बाल कलाकार के रूप में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। उनकी कई फिल्में फ्लॉप हो गईं। लेकिन उन्होंने इसके बावजूद हार नहीं मानी और 16 साल की उम्र में उन्होंने अभिनेत्री के रूप में वापसी करने का फैसला किया। लेकिन फिल्म गूंज उठी शहनाई के लिए निर्माता विजय भट्ट ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया।
विजय भट्ट के उन्हें रिजेक्ट करने के ठीक आठ दिन बाद उन्हें निर्माता सुबोध मुखर्जी और नासिर हुसैन ने एक बड़ी फिल्म ऑफर की। फिल्म का नाम था दिल देके देखो और उसमें आशा पारेख के अपोजिट थे शम्मी कपूर। ये फिल्म आशा पारेख के करियर की बेहतरीन फिल्म साबित हुई और उन्होंने इसके बाद कभी पीछे पलटकर नहीं देखा और कई अलग फिल्मों में काम करके अपनी एक अलग जगह बनाई।
आशा पारेख ने खुद एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया था कि उनकी ऑन-स्क्रीन छवि कुछ इस कदर बन गई थी कि पुरुष उनसे बातचीत करने में कतराने लगे थे। आशा पारेख ने कहा था, ‘असल जिंदगी में पुरुष मेरी तारीफ करने से हिचकते हैं, मुझसे बात करने से कतराते हैं। मुझे याद है कि एक बार मैंने गाने ‘अच्छा तो हम चलते हैं’ के लिए सफेद शरारा पहना था। फिल्म के डायरेक्टर जे ओम प्रकाश साब थे और उन्होंने मुझे कहा तुम बहुत अच्छी लग रही हो।’ आशा पारेख ने बताया कि इतना ही नहीं वो वैसा ही सफेद शरारा अपनी बेटी पिंकी के लिए लेकर गए’।
आशा पारेख पर्दे पर लाखों दिलों की धड़कन बन चुकीं थी, आशा पारेख असल जिंदगी में बिलकुल अकेली हैं। आशा पारेख ने शादी नहीं की है और उन्हें शादी न करने का कोई अफसोस नहीं है। हालांकि ऐसा नहीं था कि आशा पारेख शादी नहीं करना चाहती थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आशा पारेख नासिर हुसैन के साथ रिश्ते में थीं, लेकिन नासिर पहले से ही शादी-शुदा थे। आशा पारेख अपने रिश्ते को किसी मुकाम तक ले जाने में असल रही। रिपोर्ट्स की माने तो वो नासिर हुसैन से इतना अधिक प्यार करती थीं तो उन्होंने जीवन भर अकेले रहने का फैसला किया।