क्‍या आप जानते हैं, क्‍यों फटते हैं बादल

  प्रकृति की बादल फटना ऐसी घटना है जिसमें अत्यधिक बारिश कुछ ही समय हो जाती है और इस बिच…
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प्रकृति की बादल फटना ऐसी घटना है जिसमें अत्यधिक बारिश कुछ ही समय हो जाती है और इस बिच बिजली भी कड़कती है और ओले भी गिर सकते हैं.उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने की घटना सामने आई है, यह घटना मंडो गांव में हुई जिसमे 3 लोगों की मौत और 3-4 लोग लापता भी बताए जा रहे हैं.

राज्य आपदा मोचन बल की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही भारी बारिश और बादल फटने की घटना को लेकर चेतावनी जारी की थी.

इस घटना की कोई तय की गई वैज्ञानिक परिभाषा नहीं है लेकिन साधारण बोलचाल की भाषा में जब बहुत थोड़े वक्‍त में बहुत ज्‍यादा बारिश होती है तो उसको बादल फटना कहते हैं.

यह घटना छोटे इलाके में घटती है. इसमें कुछ ही मिनटों के अंदर 2सेमी तक बारिश हो सकती है और यदि यह रफ्तार 2घंटे तक जारी रही तो 20 सेमी तक बारिश हो सकती है.

ये घटना खासकर घाटी और पहाड़ी इलाकों में घटती है. इसके तहत किसी इलाके के ऊपर काफी घनेदार बादल एकत्र हो जाएं या कई बार फौरी तौर पर किसी इलाके में जब अलग-अलग स्‍तरों पर बादलों की कई परतें मिलकर एक घनी मोटी चादर बनाती हैं तो यह घटना घटती है.

बादलों की अत्‍यधिक ऊंचाई होने की वजह से ओले भी गिर सकते हैं. साथ में बादलों में अलग-अलग चार्ज होने की वजह से बिजली भी जोरदार तरीके से कड़कती है.

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