अयोध्या. जून माह में ही पीएम मोदी की प्रस्तावित समीक्षा बैठक को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण ने ग्लोबल कंसलटेंट एजेंसी के साथ मिलकर विजन डाक्यूमेंट तैयार कर चुकी है. इसमें आर्थिक योजना और रोजगार व तरक्की से सभंध शामिल की गई है. राम नगरी के आउटर इलाके जाने वाले से प्रस्तावित 65 किलोमीटर रिंग रोड सिर्फ यातायात की सुविधा नहीं देगा, बल्कि रायबरेली,आजमगढ़, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर,गोंडा जाने वाले हाइवे से जहां-जहां जुड़ेगा उन जगहों से पर भव्य सुविधायुक्त 6 आर्थिक जोन भी विकसित किए जाएंगे.अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव आरपी सिंह ने बताया कि इससे इलाकों में उन्नति के साथ साथ करीब 8 लाख लोगों को रोजगार देने का उदेश्य तय किया गया है. माना जा रहा है कि दो-तीन दिन के अंदर पीएम मोदी के साथ वर्चुअल बैठक होगी, जिसमें अयोध्या के विकास को लेकर विजन डॉक्यूमेंट का प्रेजेंटेशन किया जाएगा.
कमर्शियल जोन के लिए लखनऊ-गोरखपुर हाइवे पर घाटमपुर, रायबरेली हाइवे पर मऊ यदुवंश पुर, प्रयागराज हाइवे पर मैनुद्दीनपुर, आजमगढ़ हाइवे पर दशरथ समाधि स्थल के निकट, गोंडा जनपद के कटरा के निकट व रौनाही के पास गोंडा जाने वाले पुल के निकट स्थान चिन्हित किए गए हैं. इन सभी स्थानों पर कुटीर उद्योग लगाए जाएंगे.
सभी जगहों पर भव्य गेट के साथ धर्मशालाएं भी बनाई जाएंगी. इन 6 इकोनामिक जोन पर लगभग 1800 कमरों का यात्री निवास बनाए जाने का भी टारगेट है. साथ ही इन जगहों को व्यावसायिक दृष्टि से अयोध्या विकास प्राधिकरण विकसित करेगा. इसमें हाइवे व रिंग रोड को क्रॉस करने वाले स्थान को पूरी तरह से कमर्शियल बनाया जाना है. इसमें बड़े कारोबारियों से लेकर लघु उद्योगों को स्थापित करने के साथ छोटे-मोटे दुकानदारों के लिए भी स्थान निर्धारित किया जाएगा.