राजस्थान के कोटपुतली में एक डॉक्टर को जब पता चला कि आस पास के गांव की लड़कियां पैदल कॉलेज जाती हैं तो छात्राओं के लिए केवल खुद के पैसों से बस खरीद ली. अब लड़कियां उसी बस से कॉलेज जाती हैं.
भारत में कई ऐसे गांव और कज्बे हैं,जहा आज भी वहां के लोग पैदल ही सफर करते हैं राजस्थान एक गांव कोटपुतली में जब 61 वर्षीय डॉक्टर को पता चला कि गांव और आस-पास की लड़कियां स्कूल-कॉलेज पैदल जाती हैं तब उन्होंने सिर्फ छात्राओं के लिए डॉक्टर ने अपने पीएफ के 19 लाख रुपये निकाले और छात्राओं के लिए बस खरीद ली अब उसी बस लड़कियां स्कूल-कॉलेज जाती हैं.
इस दिल छू लेने वाली कहानी पहले 2017 में आई थी फिर से इसे आईएएस ऑफिसर अवनीष शरण ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है.जिस पर आईपीएस आरके विज ने रिएक्शन दिया है. अवनीष शरण द्वारा फिर शेयर किए जाने के बाद यह स्टोरी फिर वायरल हो गई है.
नमन है ऐसी सख्शियत को🙏 https://t.co/LE0mz6Vp0u
— RK Vij (@ipsvijrk) March 11, 2021
राजस्थान के कोटपुतली 61 वर्षीय डॉ. आर.पी. यादव को जब पता हुआ की लड़कियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अभाव में कई कि.मी. पैदल चलकर स्कूल-कॉलेज जाना पड़ता था तब आर.पी. यादव ने महसूस किया और उन्होने अपने प्रॉविडेंट फंड से 19 लाख रुपए निकाले और लड़कियों को उनकी खुद की एक बस ख़रीद दी.आईएएस ऑफिसर अवनीष शरण के ट्वीट पर आईपीएस आर के विज ने रिएक्शन देते हुए लिखा , ‘नमन है ऐसी सख्शियत को.’