हमारे देश में तंबाकू का प्रचलन है। एवं समय रहते इसका सेवन नहीं रोका गया। तो इससे शरीर में कई बीमारी हो सकती है जो जानलेवा भी हो सकती है ।
तम्बाकू का सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए
तम्बाकू का सेवन से ज्यातर लोगो में कैंसर का कारण बनता है । फेफड़े के कैंसर से होने वाली पुरुषों में, 90% मौतों ,एवं महिलाओं में 80% धूम्रपान के लिए जिम्मेदार हैं । तंबाकू के सेवन से फेफड़े, मुंह, होंठ, जीभ, ग्रासनली , गुर्दे और मूत्राशय के कैंसर होते हैं ।
यह चमड़े, रबर, डाई, पेंट और अन्य कार्बनिक रासायनिक उद्योगों में पाए जाने वाले कुछ कार्बनिक रसायनों के कारण मूत्राशय के कैंसर के खतरे को और अधिक बढ़ा देता है, और एस्बेस्टस के संपर्क में कार्बनिक रसायनों के कारण फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है ।
तम्बाकू के उपयोग से एथेरोस्क्लेरोटिक धमनी रोग (धमनियों का सख्त और संकुचित होना) होता है जिससे दिल का दौरा , स्ट्रोक और निचले सिरों में रक्त के प्रवाह में कमी हो सकती है। तम्बाकू के उपयोग से 20% -30% हृदय रोग का कारण बनता है। यह उच्च कोलेस्ट्रॉल, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप , मोटापे और गतिहीन जीवन शैली के कारण दिल के दौरे के खतरे को भी बढ़ाता है ।
तम्बाकू का उपयोग पुरानी फेफड़े की बीमारियों का अनुमानित 20% तक का कारण बनता है, जैसे कि क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और वातस्फीति , और फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों में निमोनिया का कारण बनता है।
धूम्रपान करने वाली गर्भवती महिलाओं में कम वजन वाले बच्चों को जन्म देने की संभावना अधिक होती है ।
दूसरे माध्यम से आने वाले धुएं से मध्य कान में संक्रमण , बच्चों में खांसी , घरघराहट , ब्रोंकाइटिस और निमोनिया हो सकता है और बच्चों में अस्थमा हो सकता है ।
तंबाकू के सेवन एवं धूम्रपान से हमेशा बचना चाहिए। तब ही हम एक अच्छे समाज के निर्माण और विकास में सहायक होकर सामाजिक परिवेश का निर्माण कर सकते है।