मकर संक्रांति के मौके पर आज पहली बार वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें करीब 1 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयुष मंत्रालय ने कोरोना महामारी को देखते हुए घरों पर ही सूर्य नमस्कार करने और उसके वीडियो रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल की गई लिंक पर अपलोड करने की सलाह दी है।
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का महापर्व है। गंगासागर में इस मौके पर महास्नान होता है। सनातन संस्कृति में इस पर्व का बहुत महत्व है। सूर्य की अक्षय उर्जा को यह पर्व खास तौर से मनाया जाता है। इस मौके पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल लोगों को संबोधित करेंगे।
जापान में सबसे पहले सूर्य नमस्कार शुरू हुआ। इसके बाद भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में भी सुबह सात बजे से शुरू हुआ। पूरी दुनिया में एक करोड़ से ज्यादा लोग इस मुहिम में शामिल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में दुनियाभर के लोगों ने इसके लिए पंजीयन कराया है। लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। केंद्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि सूर्य नमस्कार के जरिए आठ आसन होते हैं जिनमें से एक एक आसान सांस लेने के साथ होता है। यह यौगिक प्रक्रिया है।