बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार दिलीप कुमार का 7 जुलाई की सुबह निधन हो गया। यूसुफ खान से दिलीप कुमार बने ट्रेजेडी किंग जाते जाते हर किसी को रुला गए।दिलीप कुमार पिछले काफी सालों से बीमार थे ,दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो उनके पार्थिव शरीर के साथ अस्पताल से बाहर निकलीं, लेकिन जैसे ही वो घर पहुंची उनके सब्र का बांध टूट गया।
सायरा बानो दिलीप कुमार को कोहिनूर कहकर बुलाती थी उनके जाने से सायरा आज अकेली थीं क्यू की उनके पति किसी दूसरी दुनिया में खो चुके थे। सायरा उनके निधन से बेसुध हो गईं। अपने साहेब को आखिरी बार गले लगाते, चूमते हुए सायरा के आंसू उनकी आंखों से बहते रहे और जिस किसी ने उनकी ये तस्वीर देखी वो भी अपने आंसू नहीं रोक पाया।
सायरा बानो और दिलीप कुमार में से 22 साल छोटी थी जब उनकी शादी दिलीप कुमार से हुई तब दिलीप कुमार 44 साल के थे,लेकिन जब मोहब्बत सच्ची होती है तो उम्र का फासला मायने नहीं रखता। सायरा और दिलीप की सच्ची मोहब्बत देख सकता है।
दिलीप कुमार का पार्थिव शरीर जब उनके घर लाया गया तो ये दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। सायरा अपने हमसफर, अपने कोहिनूर के शरीर से लिपट लिपट कर रो रही थीं। दिन रात साये की तरह अपने पति के साथ रहने वाली सायरा के दिल पर क्या गुजर रही थी इस दर्द का अंदाजा कोई नहीं लगा सकता।
दिलीप कुमार का अंतिम संस्कार 7 जुलाई की शाम को सांताक्रूज कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। हमेशा साथ रहने वाले दिलीप सायरा के साथ ऐसा पहली बार हुआ कि दिलीप किसी दूसरे सफर पर निकल गए और सायरा पीछे ही रह गईं।
दिलीप कुमार को पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। जिस तरह का अभिनय दिलीप कुमार करते थे वो लाखों-करोड़ों की प्रेरणा थे। उनका अभिनय, उनकी मोहब्बत, उनकी सफलता सब कुछ एक सीख देती थी आज दिलीप भले ही सायरा के साथ नहीं है, लेकिन उनके दिल में सिर्फ उनके कोहिनूर ही बसते हैं जो आखिरी सांस तक उनके साथ ही रहेंगे।