उद्घाटन समारोह: लेह के एनडीएस स्टेडियम में बिखरे रंग
छठे खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का भव्य उद्घाटन मंगलवार, 20 जनवरी को लेह के नवांग दोरजे स्टोबदान (NDS) स्टेडियम में हुआ। लद्दाख के उपराज्यपाल कवींदर गुप्ता ने औपचारिक रूप से इन खेलों की शुरुआत की घोषणा की। उद्घाटन समारोह पारंपरिक लद्दाख संगीत, नृत्य और जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर रहा, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर लद्दाख स्काउट्स के पाइप बैंड की प्रस्तुति और ‘आर्मी XI’ बनाम ‘यूटी लद्दाख’ के बीच एक प्रदर्शनी आइस हॉकी मैच आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। यह कार्यक्रम न केवल खेल बल्कि लद्दाख की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन भी था।
प्रतिभागी और विस्तार: 21 राज्यों के एथलीटों का जमावड़ा
इस साल के विंटर गेम्स में भारत के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1,060 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 480 से अधिक कुशल एथलीट शामिल हैं। इन प्रतिभागियों में कोच, तकनीकी अधिकारी और सहायक कर्मचारी भी शामिल हैं जो खेलों के सफल संचालन में मदद कर रहे हैं। हरियाणा (62 खिलाड़ी), हिमाचल प्रदेश (55) और मेजबान लद्दाख (52) सबसे बड़े दलों के साथ मैदान में उतरे हैं। यह आयोजन युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के बीच अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है, जिससे भविष्य के ओलंपिक चैंपियन तैयार हो सकें।
नया आकर्षण: ओलंपिक स्पर्धा ‘फिगर स्केटिंग’ का डेब्यू
छठे संस्करण की सबसे बड़ी विशेषता ‘फिगर स्केटिंग’ को पहली बार खेलों के कार्यक्रम में शामिल करना है। यह एक ओलंपिक खेल है जिसमें एथलीट संगीत की धुन पर बर्फ पर नृत्य और कलाबाजी करते हैं। इसके जुड़ने से विंटर गेम्स का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के और करीब पहुंच गया है। पहले से शामिल आइस हॉकी, स्पीड स्केटिंग और शॉर्ट ट्रैक स्केटिंग के साथ-साथ अब फिगर स्केटिंग भी दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण बनी हुई है। इस पहल का उद्देश्य भारत में विंटर स्पोर्ट्स के दायरे को बढ़ाना और विविधताओं को प्रोत्साहित करना है।
आयोजन के स्थल: प्राकृतिक और कृत्रिम बर्फ का संगम
लद्दाख चरण के मुकाबलों के लिए तीन प्रमुख स्थलों को तैयार किया गया है। आइस हॉकी के रोमांचक मुकाबले एनडीएस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अत्याधुनिक आर्टिफिशियल आइस रिंक और लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर (LSRC) के रिंक में खेले जा रहे हैं। वहीं, आइस स्केटिंग की लॉन्ग ट्रैक स्पर्धाओं के लिए प्राकृतिक रूप से जमे हुए ‘गुफुक तालाब’ (Gupukh Pond) का चयन किया गया है। समुद्र तल से 11,000 फीट की ऊंचाई पर शून्य से नीचे के तापमान और कम ऑक्सीजन के बीच इन स्थलों पर खेलना एथलीटों के धैर्य और शारीरिक क्षमता की वास्तविक परीक्षा है।
दो चरणों में आयोजन: लेह के बाद गुलमर्ग की बारी
खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 को रणनीतिक रूप से दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण वर्तमान में लेह (लद्दाख) में चल रहा है, जो 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर संपन्न होगा। इसमें मुख्य रूप से ‘आइस स्पोर्ट्स’ यानी बर्फ पर खेले जाने वाले खेल शामिल हैं। इसके बाद, दूसरा चरण फरवरी के महीने में जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में आयोजित किया जाएगा। दूसरे चरण में स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और माउंटेनियरिंग जैसे ‘स्नो स्पोर्ट्स’ यानी भारी बर्फबारी वाले खेलों का आयोजन होगा, जिससे एथलीटों को विभिन्न परिस्थितियों में प्रदर्शन का अनुभव मिलेगा।
विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में उभरता लद्दाख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत लद्दाख को भारत के शीतकालीन खेलों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगातार तीसरी बार विंटर गेम्स की मेजबानी करना लद्दाख की ढांचागत प्रगति और प्रबंधन क्षमता का प्रमाण है। सरकार ने यहाँ ₹53.58 करोड़ की लागत से आधुनिक आइस हॉकी रिंक का निर्माण किया है और कारगिल में भी नई सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के अनुसार, ये खेल न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि लद्दाख के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।