अगर आपको लगता है कि दुनिया में चिट्ठी पत्री (Letters) के दिन लद गए हैं और डाक विभाग निरर्थक हो गए हैं तो आपको इस पर और ज्यादा जानने की जरूरत है. यह सच है कि अब हमें खत, पत्र या चिट्ठियां देखने को नहीं मिलती. पिछले एक कई सालों में ऐसे शख्स देखने मुश्किल हो गए हैं जिन्होंने कोई खत या पत्र भेजा हो. हां जरूरी दस्तावेज, तोहफे, खरीदी का सामान भेजने के लिए कूरियर सेवाएं जारी हैं. ऐसे विश्व डाक दिवस (World Postal Day 2022) का उद्देश्य लोगों और व्यवसायियों के रोजमर्रा के जीव में डाकसेवा (Postal Services) क्षेत्र की भूमिका के प्रति जागरूकता लाना ज्यादा प्रासंगिक लगता है. 9 अक्टूबर को दुनिया भर ये दिवस मनाया जा रहा है.
विकास में योगदान- डाक सेवाएं का कई देशों की आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान रहा है. हर साल इस दिवस को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के 150 सदस्य देश कई प्रकार से मनाते हैं. इसके लिए सदस्य देश कई तरह की गतिविधियां और कार्यक्रम आयोजित करते हैं जिससे देश के लोगों और मीडिया में डाक सेवाओं के प्रति जागरूकता फैल सके.
कई तरह के गतिविधियां-जहां कुछ देशों में तो विश्व डाक दिवस छुट्टी का दिन होता है. कई देशों में नई डाक उत्पाद जारी करने के साथ कई तरह की नई सेवाओं को शुरू करने का ऐलान भी किया जाता है. इस मौके पर कई जगह डाक सेवाएं अपने कर्मचारियों को अच्छी सेवाओं के लिए पुरस्कार आदि से सम्मानित भी करती है तो कई जगह नए डाक टिकटों आदि की प्रदर्शनी भी लगाई जाती है.
अलग अलग प्रकार के कार्यक्रम-इन गतिविधियों के अलावा डाक विभागों में सजावट, विश्व डाक दिवस के नए पोस्टर भी लगाए जाते हैं. कई डाक विभागों के ऑफिस, मेल सेंटर, डाक संग्रहालयों आदि स्थानों पर कॉन्फ्रेंस, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं जिनके साथ सांस्कृतिक, खेल और अन्य मनोरंजानत्मक और रचनात्मक गतियविधियां और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
स्थापना दिवस का दिन-इसके अलावा यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन करता है जिसके राष्ट्रीय विजेताओं का ऐलान इसी दिन किया जाता है. 9 अक्टूबर का दिन 1969 में यूनिवर्सिल पोस्टल कांग्रसे ने टोकियो में विस्व डाक दिवस के रूप में मनाने के लिए चुना था. यूपीयू की स्थापना 9 अक्टूबर को ही साल 1874 को स्विट्जरलैंड में हुई थी.
संधारणीय विकास के लक्ष्य-संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस के अपने वेबपृष्ठ पर जिक्र किया है कि साल 2015 में दुनिया के तमाम देशों ने एक साथ मिल कर संधारणीय विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई थी. इन 17 लक्ष्यों में दुनिया से चरम गरीबी, भूख को खत्म करना, असमानता और अन्याय के खिलाफ लड़ना और जलवायु परिवर्तन को बदलने के लिए कदम उठाना शामिल हैं.
जलवायु और डाक सेवा-इन्ही लक्ष्यों के लिए डाक सेवाओं की भूमिकाओं को शामिल करने और उन्हें बढ़ाने के लिए साल 2022 की थी पोस्ट फॉर प्लैनेट रखी गई है. डाकसेवाएं दुनिया का सबसे विशाल लॉजिस्टिक नेटवर्क बनाती हैं. सवाल यही है कि अब ये नेटवर्क पूरी अर्थव्यवस्ता को हरित बदलाव की ओर तेजी से कैसे ले जा सकती हैं.
हालांकि वर्तुल अर्थव्यवस्था या सर्कुलर इकोनॉमी अब कोई नई अवधारणा नहीं रही, यह पहले से ज्यादा स्पष्ट हो गया है कि हमें इसके सिद्धातों के अनुकूल चलने की जरूरत है. इस लिहाज से डाक सेवाओं की जलवायु संकट से निपटने की क्षमताओं के प्रति जागरूकता फैलना भी बहुत जरूरी है और इसके लिए हमें सबी क्षेत्रों में संसधानों को यथासंभव इस अभियान में लगाना चाहिए.