विदाई की वेला में भी मानसून मेहरबान है। देश के कुछेक हिस्सों को छोड़ दें तो अब तक राष्ट्रीय स्तर पर औसत से ज्यादा वर्षा दर्ज हो चुकी है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार आज भी राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। आज गुजरात, महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार और दिल्ली में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इ
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र औसत समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। वहीं, जैसलमेर, कोटा और फिर उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव के केंद्र से होते हुए मानसून की एक द्रोणिका सतना, रांची, दीघा और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व की ओर जा रही है। इस मौसमी तंत्र के चलते देश के अनेक राज्य सितंबर मध्य में भी भीग रहे हैं। हवा में नमी बनी हुई और आसमान में बरसाती बादलों का डेरा है।
जारी रहेगा बारिश का सिलसिला-स्काईमेट के अनुसार 18 सितंबर के आसपास उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट के पास बंगाल की उत्तरी खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने की उम्मीद है। इससे अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
भूमध्य सागर में ला नीना की स्थिति- इस माह के आरंभ में मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा था कि सितंबर में मासिक वर्षा सामान्य से अधिक होने की संभावना है। देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या फिर सामान्य से कम रह सकता है। मौसम विभाग ने बताया था कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर क्षेत्र में ला नीना (LA NINA) की स्थिति बनी हुई है। यह इस साल के अंत तक बनी रहेगी। ला नीना भारत में ज्यादा बारिश की वजह बनता है, जबकि अल नीनो (El NINO) जब सक्रिय होता है तो कम बारिश होती है। ला नीना के कारण समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इससे भारत समेत दुनिया भर के मौसम पर असर पड़ता है। इससे ज्यादा बारिश और ठंड पड़ती है।