18 साल बाद -अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के आगे फसल की कटाई शुरू

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कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के थोड़े आगे के खेतों में 18 साल बाद फसल बोई गई और अब इस फसल को काटने का काम शुरू किया गया है  इस फसल को कटा जा रहा था उस समय जिला उपायुक्त राहुल यादव वहाँ मौजूद थे इनके अलावा इस मौके पर बीएसएफ के सीओ सत्येंद्र गिरी, मुख्य कृषि अधिकारी विजय कुमार उपाध्याय, प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी राजू महाजन, एसडीएम राकेश शर्मा भी मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय सीमा के सुरक्षा बल के सहयोग से 90 एकड़ जमीन पर गेहूं बोया गया था इस गेहू की कटाई का काम मनियारी गांव से शुरू किया गया। गेहूं की फसल की कटाई के लिए एक कंबाइन लगाई गई है,जो दिन में तय किये गए वक्त पर काम करेगी।इसकी वजह से कटाई का काम कुछ दिन चलेगा।

साल  2002 में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी की गई थी उसके बाद से  ही काफी तनाव भरी स्थिति हो गई थी जिसके कारण तारबंदी के आगे की जमीनों पर फसल नहीं बोई गई थी।

इस खेती पर दोबारा किसानों को खेती करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य साल 2020 के 25 सितंबर को तुरंत डीसी ओपी भगत ने बीएसएफ के अधिकारियों से बैठक की थी जिससे किसान तारबंदी के आगे की जमीन पर खेती करने के लिए तैयार करने में सहयोग मांगा था।

उसके बाद बीएसएफ ने इस जमीन को करने योग्य बनाने के काम को शुरू कर दिया गया फिर कृषि विभाग की ओर से नवंबर में गेहूं का बीज लाया गया अब बीएसएफ के सहयोग से हीप्रशासन ने इस फसल को काटने का काम शुरू किया है

जिला उपायुक्त ने कहा कि फसल के काटने की खुशी किसानों के लिए यह खुशी का पल है इन खेतो पर खेती करने कारण किसान को प्रेरित करने के उद्देश्य से ही पहली फसल प्रशासन ने यहां लगवाई। कृषि विभाग और बीएसएफ के तालमेल से यह संभव हो पाया है। अब किसान खुद अपने खेतों को संभाल सकते हैं।

किसानो को बीएसएफ की तरफ से भी पूरी सुरक्षा मिलती रहेगी।साथ ही प्रशासन भी किसानो को पूरा सहयोग करेगा। यहां के किसान प्रशासन के साथ मिलकर खेती करेंगे तो निश्चित तोर पर फसल अच्छी होगी।

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