मनुष्य के

मनुष्य के ,कर्म ही ,उसके जीवन, बंधन का, कारण है,पढिये कथा

एक व्यक्ति था उसके तीन मित्र थे।एक मित्र ऐसा था जो सदैव उसका साथ देता था. एक पल, एक क्षण…