क्या हंसना सच में

क्या हंसना सच में, तकलीफ को, कम करता है

  हास्य यानी हँसना, कभी दिल और मुंह खोलकर तो कभी दाँतों में पल्लू दबाकर अंदर ही अंदर हँस लेना.…