प्यार का इजहार करना हो या रिश्ते को मजबूत बनाना हो, अपनी फीलिंग को बयान करना बहुत जरूरी है. 7 फरवरी से वैलंटाइन वीक की शुरुआत हो चुकी है. 14 फरवरी को ‘प्यार का फेस्टिवल’ यानी वैलेंटाइन डे है. इस बार वैलेंटाइन डे (Valentine’s day) पर आप अपने पार्टनर या सोलमेट को मशहूर कवियों की चुनिंदा रचनाएं भेज सकते हैं और उस खास शख्स से अपने प्यार का इजहार कर सकते हैं.
वैलेंटाइन डे के खास मौके पर पढ़ें कुछ स्पेशल कविताएं
हे री मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय।
घायल की गति घायल जाणै, जो कोई घायल होय।
जौहरि की गति जौहरी जाणै, की जिन जौहर होय।
सूली ऊपर सेज हमारी, सोवण किस बिध होय।
गगन मंडल पर सेज पिया की किस बिध मिलणा होय।
– मीराबाई
कोई भी मुश्किल न कर सकी जुदा, ‘अग्निपरीक्षा’ देकर प्यार पहुंचा खूबसूरत मुकाम तक
हे मेरी तुम सोई सरिता !
उठो,
और लहरों-सी नाचो
तब तक, जब तक
आलिंगन में नहीं बाँध लूँ
और चूम लूँ
तुमको !
मैं मिलने आया बादल हूँ !!
– केदारनाथ अग्रवाल
युग युग की उस तन्मयता को
कल्पना मिली संचार मिला
तब हम पागल से झूम उठे
जब रोम रोम को प्यार मिला
– भगवतीचरण वर्मा
कितनी बार तुम्हें देखा
पर आँखें नहीं भरीं।
सीमित उर में चिर-असीम
सौंदर्य समा न सका
बीन-मुग्ध बेसुध-कुरंग
मन रोके नहीं रुका
– शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
क्या वैलेंटाइन डे पर ब्लैक ड्रेस पहन सकते हैं?
अपने होंटों पर सजाना चाहता हूँ
आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ
कोई आँसू तेरे दामन पर गिरा कर
बूँद को मोती बनाना चाहता हूँ
थक गया मैं करते करते याद तुझ को
अब तुझे मैं याद आना चाहता हूँ
छा रहा है सारी बस्ती में अँधेरा
रौशनी को, घर जलाना चाहता हूँ
आख़री हिचकी तिरे ज़ानू पे आए
मौत भी मैं शाइ’राना चाहता हूँ