कोरोना महामारी के इस में सभी को अच्छी फिटनेस की सबसे जरूरी चीज है। और फिटनेस को लेकर लोगो के बिच बीच जागरूकता फैलाने के लिए असम की अंजली दास ने अनोखी पहल की है। अंजली, असम से लेकर लद्दाख तक की पैदल यात्रा कर रही हैं। अंजली की यह यात्रा 13 अगस्त से शुरू हुई और यात्रा कुल 2796 किलोमीटर तय करने के बाद पूरी होगी।अंजली का उद्शेय लोगों में फिजिकल फिटनेस के प्रति जागरूकता भरना है। ,अंजली ने गले में पारंपरिक असमिया गमछा डालकर लंबे सफर पर निकलीं ।
अंजली कहती हैं, लोगों में समय के साथ शारीरिक रूप से निष्क्रियता बढ़ती जा रही है। ऐसे में शायद मेरी इस कोशिश से लोगों में नई ऊर्जा जगे और वह भी फिटनेस के प्रति ध्यान देना शुरू करें। अंजली ने यात्रा शुरू करने से पहले इस बारे में बताया की मैं अपनी यात्रा के दौरान रोजाना 50 किमी चलने का लक्ष्य रखूंगी और यह यात्रा अकेले ही पूरी करूंगी।
हैरानी की बात यह है कि अंजलि का उदेश्य बिना किसी डॉक्टर, सुरक्षा कर्मियों या एम्बुलेंस की मदद के अपनी यात्रा पूरी करना है। अंजलि दास ऐसा करने वाली असम के और पूर्वोत्तर की पहली महिला हैं। अपने लक्ष्य को लेकर अंजली कहती हैं, ‘मैं किसी भी हालत में लद्दाख की अपनी यात्रा को नहीं रोकूंगी, चाहे बारिश हो या प्राकृतिक आपदा। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मैं सुरक्षा के सभी उपायों का पालन कर रही हूं।
अनुमान के अनुसार असम से लद्दाख तक के लगभग 2800 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन माह का समय लग सकता है। इतने लंबी यात्रा में खर्च के लिए अंजलि अपनी जमा किये पइसे और गांव के वासियों द्वारा दी गई राशि का उपयोग करेंगी। ऐसा पहली बार नहीं है जब अंजली ने कुछ हटकर करने का प्रयास किया है, वह कोलकाता हाफ मैराथन का भी हिस्सा रह चुकी हैं। इतना ही नहीं साल 2018 और 2019 में उन्हें सिल्वर भी प्राप्त हो चुका है। खेल और फिटनेस से प्रेम करने वाली अंजली लोगों को भी इसकी आवश्यकताओं के लिए जागरूक करती रही हैं।